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हिटलर के इन बातों को जानकर हैरान हो जाओंगे | Interesting facts about Hitler

1. हिटलर को 1 से ज्यादा बार आर्ट स्कूल से निकाला गया था।
हम सभी जानते है की आर्ट में हिटलर को असफलता मिलने के बाद ही उनका जीवन सामवाद विरोधी मतों में गया लेकिन शायद आपको यह नही पता होंगा की हिटलर ने 2 बार एक आर्ट स्कूल में आवेदन पत्र भी किया था और स्कूल ने उनके आवेदन को अस्वीकार कर दिया था और उन्हें प्रवेश परीक्षा में भी नही बैठने दिया गया था। आज भी आर्ट विशेषज्ञों का मानना है की हिटलर एक बेहतरीन आर्टिस्ट था।

2. हिटलर को डिज्नी से बहुत प्यार था।
जितनी जल्दी हम हिटलर को समझना छोड़ दे उतना ही हमारे लिये बेहतर होंगा। हमारे लिये डिज्नी का अर्थ बच्चो की फिल्म से होता है जबकि एक तानाशाह के लिये इसका अर्थ तंत्रज्ञान से था। तानाशाह हिटलर के अनुसार 1937 से ही डिज्नी एनीमेशन की दुनिया में प्रभावशाली कार्य कर रही थी। हिटलर को डिज्नी देखने का बहुत शौक था।

3. हिटलर खुद की ही फोटो लेकर भाषण देने का अभ्यास करते और भाषण बनाते भी थे।
हिटलर को अपनी फोटो का काफी जूनून था। उनकी फोटो लेने के लिये उनका एक फोटोग्राफर हेंरीच होफ्फमन भी था। भाषण देते समय या बनाते समय हेंरीच ही उनकी फोटो खींचता था। ताकि हिटलर जान सके की भाषण बनाते या देते समय वह कैसा दिखता है।

4. हिटलर नियंत्रण में ना आने वाला अपव्ययी था।
आत्मकथाकार वोल्कर उल्ल्रीच ने हाल ही में इस बात को सबके सामने लाया की हिटलर अपने ऐशो-आराम और रईसी पर हजारो रुपये खर्च करता था। जबकि हिटलर को “लोगो का इंसान” कहा जाता था।

5. हिटलर ने एक बार अपनी मूँछ की छटाई करने का आदेश दिया था।
शायद ही हमने कभी हिटलर को बिना मुछो के देखा होंगा। हिटलर को मुछो का काफी शौक था। हिटलर बार-बार अपनी मुछो में मनचाहे बदलाव करते रहते थे। लेकिन दुर्भाग्यवश प्रथम विश्व युद्ध में सर्विस करते समय उन्होंने अपनी मूँछ की छटाई करने का आदेश दे दिया था।

6. हिटलर आइकोनिक जर्मन आर्टिस्ट को बहुत चाहते थे।
क्लासिकल जर्मन आर्टिस्ट के प्रति हिटलर के आकर्षण को हम उनके कार्यो में ही देख सकते है। इसीलिए हम आसानी से हिटलर के चित्र और पेंटर हँस थोमा के चित्र के बीच एक समांतर रेखा खिंच सकते है। हिटलर के दुसरे पसंदीदा आर्टिस्ट में अल्ब्रेक्ट डूरेर, लुकास क्रेनाच दी एल्डर और जोहंनेस वेर्मीर शामिल है।

7. अफवाह यह भी है की हिटलर के पास बोलने वाले कुत्तो की एक फ़ौज थी।
डॉ. जन बोंड़ेसों के अनुसार हिटलर और उनके वफादार सेवक पूरी तरह से “पढ़ाकू” कुत्तो से घिरे थे जिनके साथ वे बातचीत करते थे। – जब भी कोई एक कुत्ता भौकता था तब ऐसा माना जाता था की वह युद्ध को जितने में उनकी सहायता करेंगा। इस बात से यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है की हिटलर अपने कुत्तो से काफी हद तक जुड़ा हुआ था। जिनमे मुख्य ब्लोंडी और बेल्ला थे। (खुद को मारने से पहले हिटलर ने अपने कुत्तो की हत्या की थी।)

8. हिटलर शाकाहारी था जो हमेशा खाने का स्वाद लेते रहता।
मजाकिया तौर पे हम कह सकते है की हिटलर एक पागल इंसान था। बहुत पागल, बल्कि हिटलर ने खाने का स्वाद चखने वालो को नौकरी भी दे रखी थी, हिटलर को जर्मन शाकाहारी खाना बहुत पसंद था।

हिटलर को चॉकलेट बहुत पसंद थी और वह एक दिन में कम से कम एक किलो चॉकलेट जरुर खा जाता थे। हिटलर चार्ली चैपलिन का बहुत बड़ा प्रशंसक था. चार्ली चैपलिन की मुछे उसे भा गयी थी और इसलिए हिटलर भी उन्ही की तरह मुछे रखने लगा था, हिटलर की मुछो को “टूथब्रश मुछे” कहा जाता था। इसके साथ ही हिटलर एक प्रभावशाली वक्ता भी था। जब भी हिटलर भाषण देता था तब लोग अपना सुध-बुध भूल जाते थे।

चौक गये न ये बाते जानकर तो ऐसे थे हिटलर, जिससे पूरी दुनिया डरती थी |

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